कोरोना धमाका

जमाती और प्राइवेट हॉस्पिटल बने आगरा के लिए सिरदर्द,दोनों ने जमाया दोहरा शतक

आगरा।आगरा में जमातियों और प्राइवेट हॉस्पिटल प्रशासन के लिए ही नही आम लोगोंके लिए भी चिंता का सबब बन हुए है,आगरा में बढ़ते कोरोना मामलों के लिए जमती और प्राइवेट हॉस्पिटल ही सबसे बड़े जिम्मेदार है।

दरअसल आगरा में जब सबसे पहला मामला कपूर फैमिली का आया था तब किसी ने नहीं सोचा था कि जिस शहर की हवाओ में मोहब्बत की रवानगी बहती है वहाँ ख़ौफ़ और डर लोगो के जेहन में मौत का ख़ौफ़ भी बसा देगा,लेकिन जैसी ही दिल्लीबकी तबलगी जमात का मामला सामना आया तो देश के साथ आगरा में कोरोना बम लगातर फूटने शुरू हो गए,और देखते ही देखते जमातियों का ये आंकड़ा शतक लगाते हुए नाबाद104 तक जा पहुंचा,जबकि अभी भी मामला थमा नही है और आशंका है कि ये अभी और बढ़ेगा।

अब बात अगर प्राइवेट हॉस्पिटलों की करे तो आगरा के लिए जिला प्रशासन की लापरवाही और पारस हॉस्पिटल आगरा के जमातियों के बाद सबसे बड़ा एपीसेन्टर बनाकर सामने आया जो जमातियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहा है और मानो किसी क्रिकेट गेम में दो ख़िलाडियो की तरह क्लिच पर जमा है और रनों की तरह कोरोना मरीजो की संख्या बोर्ड और बढ़ा रहा है आगरा के पारस हॉस्पिटल ने अकेले 90 मामले दिए है जो शतक लगाने की कगार लार पहुंच चुका है,जबकि आगरा के ही एसआर हॉस्पिटल और फतेहपुर सीकरी के गाइड के साथ हरिपर्वत क्षेत्र के डॉ मित्तल भी मरीजोबक इस आंकड़े को बढ़ाने में मददगार साबित हुए है।

आगर आगरा के मरीजो का हिसाब किताब निकाला जाए तो 70 प्रतिशत मामले सिर्फ जमातियों और प्राइवेट हॉस्पिटलों ने आगरा को दिए है,आगरा में अब तक 313 मामले हुए है जिसमे से 6 की मौत हो चुकी है और 30 के करीब मरीज अब तक ठीक भी हो चुके है,और करीब 270 के करीब एक्टिव मामले है।

मनोज गुप्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published.