एत्मादपुर क्षेत्र के जूता फैक्ट्री कर्मचारी की हत्या का खुलासा

एत्मादपुर के भागूपुर पुल पर जूता फैक्टरी के कर्मचारी रामबाबू की हत्या उसके दामाद ने ही की थी। उन्हें पुराने केस में समझौता करने के बहाने तहसील बुलाया। समझौता नहीं करने पर रास्ते में रोककर हत्या की थी। पुलिस ने दामाद नवल किशोर,समधी हुकुम सिंह सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार करके यह खुलासा किया है। अभी दो आरोपी फरार हैं।गांव कोकंदा, थाना खंदौली निवासी रामबाबू (45) की आठ सितंबर को तहसील एत्मादपुर से लौटते समय हाईवे स्थित भागूपुर फ्लाईओवर पर तीन गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
मृतक की बेटी मंजू ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उसकी शादी नगला ब्रजलाल निवासी नवल किशोर और छोटी बहन रामवती की शादी रूपकिशोर से हुई थी। वह दोनों पांच साल से मायके में हैं। तीन साल पहले उनके जेठ प्रेम किशोर की हत्या हो गई थी। हत्या का आरोप ससुराली उनके परिजनों पर लगा रहे थे। इस कारण ससुरालियों से रंजिश चल रही है। पिछले कुछ दिन से ससुराली समझौते का दबाव बना रहे थे। नगला चंदन निवासी महेंद्र सिंह पिता रामबाबू को एत्मादपुर ले गए थे। शाम को पिता की महेंद्र सिंह, ब्रज किशोर, रूप किशोर, जय किशोर, नवल किशोर और हुकुम सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी।
एसएसपी मुनिराज जी के मुताबिक, बुधवार दोपहर को नगला ब्रजलाल निवासी मृतक के दामाद नवलकिशोर, समधी हुकुम सिंह, जयकिशोर, बांस रिसाल निवासी रामकुमार उर्फ रामू को वनखंडी मंदिर वाले रास्ते में जंगल के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से एक बाइक और एक पिस्टल बरामद की है।
समझौते के मांगे थे 36 लाख, कर रहे थे परेशान
पुलिस की पूछताछ में नवलकिशोर ने बताया कि भाई प्रेम किशोर की हत्या ससुर रामबाबू ने षडयंत्र करके कराई थी। तभी से उनसे बदला लेने की सोच ली थी। रामबाबू ने बेटियों के घर से जाने के मामले में उनके ऊपर मुकदमे भी दर्ज करा रखे थे। इससे विवाद चल रहा था। समझौते की कहने पर ससुर ने 36 लाख रुपये की मांग की। रुपयों के लिए आए दिन परेशान कर रहे थे। इस पर ही ससुर की हत्या की योजना बनाई। घटना वाले दिन रामबाबू को तहसील में समझौते के लिए बुलाया। पिता हुकुम सिंह, बृजकिशोर और रूप किशोर तहसील में अंदर गए। नवलकिशोर और उसका दोस्त रामू बाहर खड़े रहे। मगर, समझौता नहीं हो सका। रामबाबू के बाहर आने की जानकारी पर नवल और रामू ने बाइक से पीछा किया। रामू बाइक चला रहा था। भागूपुर पुल के पास बाइक रुकवाकर नवल किशोर ने पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। विवेचना में महेंद्र सिंह की नामजदगी गलत पाई गई। हत्याकांड में उनका कोई हाथ नहीं निकला।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रामू का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसके पिता बीमार हैं। उसे रुपयों की जरूरत थी। वह नवल किशोर का दोस्त है। उसने उससे रुपये उधार मांगे थे। इस पर नवल किशोर ने उसे 30 हजार रुपये देने का वादा किया। दस हजार रुपये एडवांस में दे दिए। हत्या में शामिल कर लिया।

संवाददाता : डॉ मनोज गुप्ता

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