बोरवेल में चार ज़हरीले सांप देख दहशत में आया किसान

आगरा के अछनेरा ब्लॉक स्थित जुगसेना गांव में लगभग 20 फुट गहरे बोरवेल से वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने चार विषैले कॉमन क्रेट साँपों को बचाया।

एक अन्य घटना में, चार फुट लंबे अजगर ने एत्मादपुर के ऐस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के कंप्यूटर लैब परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। सभी सांपों को रेस्क्यू कर वापस जंगल में छोड़ दिया गया।

लगभग 20 फुट गहरे खुले बोरवेल में एक, दो या तीन नहीं बल्कि चार सांपों को फँसा देख, जुगसेना गाँव के एक किसान दहशत में आ गए! सुबह-सुबह जब वह अपने खेत पर रोज़ की तरह काम कर रहे थे, तभी उन्होंने सांपों को देखा और तुरंत हेल्पलाइन (+91-9917109666) पर वाइल्डलाइफ एसओएस को इसकी सूचना दी।

आवश्यक बचाव उपकरणों से लैस एनजीओ की दो सदस्यीय टीम स्थान पर पहुंची। करीब से देखने पर, रेस्क्यू टीम ने पुष्टि की कि चारों सांप कॉमन क्रेट थे, जो भारत में चार सबसे विषैले सांपों की प्रजाति में से एक हैं। सभी सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए, एक बचावकर्मी बोरवेल में नीचे उतरे और चारों सांपों को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर बाहर निकाला। पूरा बचाव अभियान करीब एक घंटे तक चला।

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी, ने कहा, “यह एक चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान था, क्योंकि हमारी टीम एक नहीं बल्कि चार बेहद जहरीले साँपों को रेस्क्यू कर रही थी। यह सांप रात में काफी सक्रिय होते हैं और दिन में अक्सर दरारों, बिलों, दीमक के टीले या चट्टानों के नीचे आदि में आराम करते पाए जाते हैं। सांपों को पकड़ते समय कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है, खासकर वो जो जहरीले हैं।”

लगभग उसी समय, आगरा के एत्मादपुर स्थित ऐस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के छात्र चार फुट लंबे अजगर को कॉलेज परिसर के अंदर कंप्यूटर लैब की ओर जाने वाली सीढ़ी पर बैठा देख हैरान रह गए। घटना की सूचना जल्द ही वाइल्डलाइफ एसओएस को दी गई और वन्यजीव संरक्षण संस्था की रैपिड रिस्पांस यूनिट ने अजगर को जल्द ही रेस्क्यू कर लिया।

ऐस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के रजिस्ट्रार हीरालाल ने बताया, “हमने पहले भी कॉलेज परिसर में पाए जाने वाले साँपों के देखे जाने पर वाइल्डलाइफ एसओएस से संपर्क किया है। जब हमने देखा कि अजगर हमारी कंप्यूटर प्रयोगशाला की तरफ बढ़ रहा है, तो हमने तुरंत वाइल्डलाइफ एसओएस को हेल्पलाइन पर इसकी जानकारी दी। हमें खुशी है कि सांप को सुरक्षित बचा लिया गया।”

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “हमें यह देखकर खुशी है कि लोग गलत समझे जाने वाले इन साँपों के प्रति अधिक संवेदनशील दृष्टिकोण अपना रहे हैं और मामले को अपने हाथों में लेने के बजाय, सहायता के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस को संपर्क कर रहे है। सांप बहुत कम ही काटते हैं, हालांकि, जहरीले सांपों को पकड़ने के दौरान, उन्हें बहुत शांत रखना और अनावश्यक दुर्घटनाओं से बचने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना महत्वपूर्ण एवं ज़रूरी होता है।”

संवाददाता : डॉ मनोज गुप्ता