पुलिस ने एक घंटे में घर से भटके दो बच्चों को परिजनों तक सकुशल पहुंचाया

शमसाबाद। कस्बा की गलियों में दो छोटे-छोटे बच्चे रोते बिलखते घूम रहे थे क्षेत्रीय लोगों ने बच्चों से पूछ ताज की तो बच्चे अपना पता बताने में असमर्थ थे। पुलिस की तत्परता के चलते एक घंटे में ही दोनों बच्चों को परिजनों तक पहुंचा दिया। पुलिस की इस प्रकार की कार्यशैली की चारों तरफ जमकर सराहना हो रही है।

कस्बा में दो छोटे-छोटे बच्चे घर में खेलते खेलते बाहर निकल आए और इतने बाहर निकल आये कि घर जाने का रास्ता ही भूल गए। अपने घर से भटके दोनों बच्चे गुन्ना उम्र करीब 6 वर्ष और आरती उम्र करीब 4 वर्ष थे। दोनों बच्चे काफी देर घर की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे लेकिन घर नहीं मिला तो अपने मां बाप को याद करते हुए रोने विलखने लगे। आपको बता दें कि यह पूरा वाक्या बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे का है। दोपहर की गर्मी में कस्बा की गलियों में दो छोटे-छोटे बच्चों को रोता देख क्षेत्रीय लोग एकत्रित हो गए और बच्चों से पूछताछ की तो बच्चे घर का पता बताने में असमर्थ थे। दोनों बच्चों की दयनीय स्थिति देखकर क्षेत्रीय लोग उन बच्चों को थाने लेकर पहुंच गए। थानाध्यक्ष शमसाबाद राजकुमार गिरी ने तत्काल ही पुलिस की दो टीमें गठित कर दी और दोनों बच्चों के फोटो सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुपों पर दोपहर 2:36 पर शेयर कर दिया। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर दोनों बच्चों के फोटो वायरल हुए एक घंटा गुजरा ही था कि 3:35 पर बच्चों के परिजन रोते बिलखते थाना पहुंच गए। और अपने बच्चों को सकुशल पाकर पुलिस की कार्यप्रणाली का शुक्रिया अदा किया। थानाध्यक्ष शमसाबाद ने बताया कि कस्बा के विष्णु जादौन और अनिल कुशवाह दो छोटी छोटी बच्चों को आने लेकर पहुंचे थे यह दोनों बच्चे अपने मां और पिता का नाम ही बता पा रहे थे इसके अलावा कुछ अन्य जानकारी देने में असमर्थ थे। इन दोनों बच्चों के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और पुलिस की 2 टीम गठित की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही थी इस पूरे घटनाक्रम के करीब 1 घंटे के अंदर बच्चों के परिजन थाने पहुंच गए और दोनों बच्चों को परिजनों को सकुशल सुपुर्द कर दिया।

संवाददाता : डॉ मनोज गुप्ता